पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का बड़ा खुलासा: "एक आईपीएस अधिकारी के सुझाव पर बिहार में शुरू हुआ था अपहरण का धंधा"

पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का बड़ा खुलासा: "एक आईपीएस अधिकारी के सुझाव पर बिहार में शुरू हुआ था अपहरण का धंधा"

Former DGP Gupteshwar Pandey Major Revelation

Former DGP Gupteshwar Pandey's Major Revelation

पटना। Former DGP Gupteshwar Pandey's Major Revelation, राज्य के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने आंध्रप्रदेश कैडर के एक आईपीएस अधिकारी पर बिहार में अपहरण शुरू कराने का आरोप लगाया है। पटना एयरपोर्ट पर गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह ऑन रिकॉर्ड यह बात बोल रहे हैं। वह आंध्र प्रदेश के आइपीएस अधिकारी थे जो बिहार में प्रतिनियुक्ति पर आए थे और बेतिया में एसपी थे।

पूर्व डीजीपी ने कहा कि पहले बगहा-बेतिया में बहुत डकैती होती थी। डकैतों के बड़े-बड़े गिरोह थे। उस समय डकैती सबसे बड़ा अपराध माना जाता था जहां डकैती होती थी वहां के एसपी के सिर पर पुलिस मुख्यालय चढ़ जाता था कि डकैती रोको। उसी समय आंध्रप्रदेश के आइपीएस अधिकारी बेतिया के एसपी थे। 

धीरे- धीरे पूरा बिहार फैला अपहरण का काम

जब वह डकैती नहीं रुकवा पा रहे थे तो उन्होंने डकैतों से एक तरह से समझौता किया और कहा कि हमारे ऊपर बहुत दबाव पड़ रहा है, डकैती करना छोड़ दो। जब डकैतों ने कहा कि यह नहीं करें तो क्या करें, कैसे खाएंगे, कैसे जिएंगे। तब आइपीएस अधिकारी ने सुझाव दिया कि पैसे वालों को पकड़ लो और पैसे लेकर छोड़ दो। वहीं से बिहार में अपहरण शुरू हुआ जो धीरे-धीरे पूरे बिहार में फैल गया। 

बिहार के जितने पुराने पुलिस अफसर है, यह सब जानते हैं। बाद में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने अपहरण के धंधे को बंद कराया। उन्होंने नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफा देने की संभावना पर कहा कि यह बिहार के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वह बिहार के सबसे सफल और यशस्वी मुख्यमंत्री रहे हैं। बिहार की विधि-व्यवस्था के सवाल पर गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि अपराध को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। 

उन्होंने वर्तमान डीजीपी विनय कुमार के बारे में कहा कि वह बेदाग अफसर हैं। उन्होंने मेरे साथ एसपी समेत कई पदों पर रहते हुए काम किया है। सिस्टम में कुछ कमियां रहती हैं, मगर उनकी नीयत अच्छी है।